तुम्हारा आना जाना लगा रहता है तो सुनो हमेशा के लिए हमारा दामन छोड़ दो ना मजबूरियों का बेहिसाब रोना अच्छा नहीं अपनी तकदीर को कोसना छोड़ दो ना जब सालों से ब्लॉक किया था तुमने हमें तो आज क्यों अनब्लॉक किया बताओ ना तुम जानते हो कि अब कोई फायदा नहीं तो आज फिर से हमें ब्लॉक कर दो ना तुम्हारी खामोशी जो तकलीफ देती थी हमें अब यूं ही खामोश रहना सीख लो ना जहां भी रहो अपनी दुनिया में खुश रहो हमारी यादों को जहन से मिटा दो ना मत करो अपनो को नाराज हमारे लिए एक बार फिर से हमे ब्लॉक कर दो ना हम जी रहे हैं और जी लेंगे तुम्हारे बिना हमारा साथ एक ख्वाब रहा मान लो ना वक्त बेवक्त जहन में आ ही जाते हो तो सुनो हर लम्हा हर घड़ी हमें सोचना छोड़ दो ना
शहर रोजगार के लिए हो गए गांव सिर्फ याद के लिए हो गए।। वो महुआ वो आम वो काफ़ल वो बगिया वो मचान वो पगडंडी यादगार हो गए शहर में अपने गैर और गैर मददगार हो गए संयुक्त परिवार का बिखेर रिश्तो में विक्षोभ हो गए।। बच्चे उड़ चले डिग्रियों के पर लगाए बुजुर्गों पर सितम ऐसा घर उजाड़ हो गए ।। ये पेट की भूख दाने दाने और निवाले को जूझना सरकारी नीतियां और दावे सब बेकार हो गए ।। गांव सिर्फ याद के लिए हो गए।।