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बिखकर संवरना ही जिंदगी है

 तकलीफों से लड़ना ही जिंदगी है ।
पतझड़ के बाद भी जिंदगी है ।।
अश्क जब पत्थर बनकर थम  जाए।
जज्बातों पर काबू पाना ही जिंदगी है ।।
ना हो मायूस  कि उजड़ा जहां है तेरा।
आशा का गुल खिलना ही जिंदगी है ।।
राख के ढेर से माथे का तिलक सजा।
ख़ाक से चिंगारी होना ही जिंदगी है ।।
दौर  बुरा ही सही ना हताश होना ।
कर्म और भाग्य का खेल ही जिंदगी है।।
कुछ रिश्ते बचाने  के खातिर ही सही।
अपनों से हार जाना ही जिंदगी है ।।
यूं हालातों से अंत  तक ना हार मान ।
तकलीफों से लड़ना ही जिंदगी है ।।
उम्मीदो का चराग ना बुझ पाए "गुंजन"।
बिखरकर खुद में संवरना ही जिंदगी है ।।

@shabadgunjan

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