सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

2025 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

हमारा साथ एक ख्वाब रहा

  तुम्हारा आना जाना लगा रहता है तो सुनो हमेशा के लिए हमारा दामन छोड़ दो ना मजबूरियों का बेहिसाब रोना अच्छा नहीं अपनी तकदीर को कोसना छोड़ दो ना जब सालों से ब्लॉक किया था तुमने हमें तो आज क्यों अनब्लॉक किया बताओ ना तुम जानते हो कि अब कोई फायदा नहीं तो आज फिर से हमें  ब्लॉक कर दो ना तुम्हारी खामोशी जो तकलीफ देती थी हमें  अब यूं ही खामोश रहना सीख लो ना जहां भी रहो अपनी दुनिया में खुश रहो हमारी यादों को जहन से मिटा दो ना मत करो अपनो को नाराज हमारे लिए एक बार फिर से हमे ब्लॉक कर दो ना हम जी रहे हैं और  जी लेंगे तुम्हारे बिना हमारा साथ एक ख्वाब रहा मान  लो ना वक्त बेवक्त जहन  में आ ही जाते हो तो सुनो हर लम्हा हर घड़ी हमें सोचना छोड़ दो ना