मानसरोवर साहित्य अकादमी
हास्य रस पेशकश.............
दुल्हन अब बारात ले गई , दूल्हा अपने साथ ले गई।
दान दहेज कार मर्सिडीज ,सिगरेट वोडका साथ ले गई ।।
महंगे महंगे रेस्टोरेंट में , पिज्जा बर्गर ऑर्डर करके ।
भंग धतूरे चरसी गांजा , चढ़ा के टल्ली आज हो गई ।।
खाओ ससुर जी अंडे मछली पियो शराब मां सासू जी ।
जैसे तैसे पटा के घर को मॉडर्न हसबैंड मॉल ले गई ।।
मर्सिडीज की महंगी कार सरपट रोड पर चले दानंदन।
हाई स्पीड से सिग्नल तोड़े मूड बनाए शॉपिंग हो गई ।।
दिल धक धक करे सिग्नल तोड़े, महंगी गाड़ी हत्थे लगी।
पति का हाए माथा टनका, ट्रैफिक पुलिस पास आ गई।।
कटा चालान हुआ हंगामा कहा पति तुम रील बना लो
हाई हील में बहु उतरकर ट्रैफिक पुलिस के ऊपर गिर गई।।
चकमे पर दे चकमा चश्मा हाए ये तेरा काला चश्मा ।
माना पति करतब पत्नी की चोर पुलिस साठ गांठ हो गई।।
निडर दबंग बहु आधुनिक हुस्न अदाएं कमाल दिखाए।
चर्चे किस्से वाह वाह ये नई बहू क्या कमाल कर गई ।।
शब्द गुँजन में आप सभी पाठकगणों का हार्दिक स्वागत है । यहाँ प्रकाशित समस्त लेख , कहानी, कविता, मुक्तक, गीत, आध्यात्मिक अभिव्यक्ति , मनोविज्ञान , परामनोविज्ञान आदि समस्त शाखों से जुड़े तथ्य , रहस्य , मेरी स्वरचित स्वतन्त्र अभिव्यक्ति है जिस पर मेरा मौलिक अधिकार है। अतः पाठकों से निवेदन है कि किसी भी तरह कंटेंट्स को तोड़ मरोड़कर अन्यत्र पेश ना करें । अन्यथा दोषी पाए जाने पर कॉपीराइट एक्ट के तहत आप पर कार्यवाही की जाएगी । गुंजन अभिव्यक्ति को अपना बहुमूल्य समय देने के लिए आप सभी का धन्यवाद!!
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