जो ट्रेंड में है आज वो सवाल लाई हूं
इंस्टा पर रील से भरे जवाब लाई हूं
बदनाम है पति तो बीवी भी कम नहीं
शक्की मिजाज़ इनका सीआइडी से कम नहीं
जो ट्रेंड में है आज ........
लत शराबियों की क्या कहें बेलन से वे कुटें
दोस्तों से ले उधार मयखाने को फिर चले
चैनी खैनी सिगरेट हुक्के में वृद्ध अव्वल
युवा तो हैं महान ये बच्चे भी कम नहीं
जो ट्रेंड में है आज .....
बस दो मिनट मैगी के जैसी जिंदगी नहीं
दिलफेंक आशिकों के मुखौटे कुछ कम नहीं
वादें हो हमसे प्यार और शादी किसी से हो
चांद तारे कदमों में बिखेरे जुमलों की झड़ी
जो ट्रेंड में है.....
जुगनी करे कमाल तो जुगने भी कम नहीं
बदनाम हो पूजा तो रसिया भी कम नहीं
लगता है दूध के धुले हुए हैं सब यहां
गर सास हो दो नंबरी बहु भी कम नहीं ।।
जो ट्रेंड में है....
सच्चे प्यार में पड़े हुए चालाक चालबाज
दो चार की क्या बात है घोटाले हैं सभी
लगता है घोटालों की पूरी फौज है यहां
तुम पोल खोलो दोस्त जिगरी हम भी कम नहीं
जो ट्रेंड में है................
क्या खिताब लाऊं आशिकी के चोंचले यहां
जिसे जान कहते हो वो किसी और की है जान
उस जान की तो जान अब हलक में है फंसी
दिल के टुकड़े करने वालों को लानत है यहां
जो ट्रेंड में है ..........
खुशियों से भरा हो लाखों पल ,कहीं नैन नमी से युक्त रहे झरझर बरखा जो बून्द पड़े , फिर भी अंगना हो अनल तले नभचर ख़ग दाना- दाना को ,अन्न नीर बिना जैसे तरसें विचरे नभः में पंखे लहरा , उन्मुक्त गगन से दूर चले जो क्षितीज दिखे पंखों के परे ,भानू किरणों से तपता रहा अंकित जो करूँ दुःख का बादल ,चहुँ ओर घिरे पर भीग रहे ना उड़ पाया न ठहर सका, हर तरफ ही नीड़ तलाश रहा बेबसी के काले बादलों ने ,सपनों की उड़ानें रद्द कर दी चंचल ऋतुओं का क्या कहने,बेवक्त मिजाज बदल बैठे बेमानी लगे सावन भी उसे ,वो मयूर नहीं जो थिरक सके पंखें भीगी नम नैन हुए, किस ओर दिशा में नीड़ बसे। गायत्री शर्मा
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