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धूप छाँव सा जीवन

 


 धूप छांव से आच्छादित

 यह जीवन एक पहेली है

तरूवर नदियाँ सागर अंबर

 सबकी यही कहानी है

प्रकृति मनोहर बन करके 

निज वसुधा का श्रृंगार करे

राह थके पथिकों के लिए

 प्रकृति आश्रय स्थान बने

पंछियों का मधुर कलरव 

सुरों का संगम बन जाए

धूप छांव से आच्छादित 

यह जीवन एक पहेली है


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