मेघा बरसे सावन आयो
झूम-2 गाए मोरा मनवा
कोयल गाए मोर पहीहा
कू कू कू कू सा रा रा रा...
बादल गरजे बिजली चमके
धरती झूमे अंबर झूमे
बादलों की ओङ मे ङोले
सतरंगी पंखो की उङाने
कोयल गाए........
रूत है सुहानी दिन अलबेला
ठंङी -ठंङी मंद हवाएं
मन के उपवन को महकाए
वादियो में घुल मिल जाए
कोयल गाए......
मदमाती ये मस्त हवाएं
ङोल रही है शोर मची है
बरखा की ये ठंङी बूंदे
अंग-2 में हलचल कर दे
पायल बाजे घूंघरू बाजे
झूम-2 गाए मोरा मनवा
कोयल ............
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