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शब्दों का गणित

  

एक एक अक्षर से जुङकर 

नित शब्द नए बनते जाते हैं 

भाव हो दिल का कोई भी

 शब्द अक्षर से बयाँ होता है

कितने गहरे अर्थ हैं इनके

 हर एक मोती में माला है

सुख दुख आहत  प्रेम प्रलोभन

 कूट शब्द का जाल रचा है 

अक्षर वही हैं सीधे साधे

 जगह बदलकर अर्थ बनाते 

शब्दों का कर उलटफेर 

मानव बुद्धि का वजन बढाते ..!!


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