न्याय का ये है मंच हमारा लोकतंत्र है स्तम्भ हमारा
बड़े बड़े वादों से हमने पार्टी को कर दिया भौचक्का
जनता बेवकूफ बनी, नेताओं की मौज बड़ी
आज है, कल है, हर रोज मौज है
आओ कुछ ऊपर की कमाई कर लें
तो चलो----------
एक नया प्रोजेक्ट मिला है सड़कें टूटी बिजली ग़ुम है
खुश हो गए नेताजी अरे देखो-----------
इस नए प्रोजेक्ट से वाह, मिला है हमको हरा रुपइया
खाएंगे, घूमेंगे ,कुछ तो भिखारियों में बाटेंगे तब ,,,
हम कहलायेंगे हितैषी मिलकर बोलो,
नेताजी जिंदाबाद!
पीछे से चिल्लायेंगे कुछ टट्टू भाड़े के वाह वाह वाह
नेताजी जिंदाबाद!
श्श श्श श् श् कुछ जलने की बू आ रही है
कहीं तो आग लगी है खबर ये आई कहाँ से??????
विपक्षी चिल्ललाए हाय अब तो धावा बोलो वर्ना ,,,,
माना कि हम हार गए ऐसा तो नहीं हर बार गिरे
पारदर्शी कर देंगे अब तो पोल तुम्हारा खोलेंगे
हम भी करते है कुछ हल्ल्ला तो,
चलो बनायें प्रोजेक्ट का मुद्दा --------
ये तो बताओ नेता जी कहाँ से लाये हैं आप रुपइया
जल्दी से तुम हमें बताओ वर्ना जनता दरबार में आओ
नहीं बचोगे न्यायतंत्र से बेशक कितना भी हो यह महंगा
गिर जायेगा दाम तुम्हारा
हम तो गिरे है तुम भी गिरोगे
गठबंधन से साख बचा लो
थोड़ा पैसा हमें दिला दो
थोड़े में तुम काम चलाओ
जनता पूछेगी जब हमसे हम कहेंगे
यहीं हैं हम तो आपके दर्द में , आपके साथ ,आपके बीच, आपके लिए
लोकतंत्र के हवाले,,,,,,,,
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