नगमे नए लिख दूँ कुछ बात मैं कह दूँ
जो राज है दिल में वो राज में कह दूँ
शिकवा ना हो कोई ,कोई मलाल ना हो,
दिल के तरानों में संगीत मैं लिख दूँ
कोई कसक ना रहे अरमां नए अपने
जीवन के पन्नो में हर रंग मैं भर दूँ
दुनिया की रंजिश में साजिश की बंदिश में
इंसानियत का राग हर सुर में मैं भर दूँ
गूंजे कोई नगमा झनकार मैं कर दूँ
काली घटाओं में हलचल नई कर दूँ
जीवन है छोटा सा, खुलकर इसे जी लूँ
सुख दुख के बांसुरी में जिंदादिली भर दूँ !!
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