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"बेटा बेटी दोनो बराबर"



"बेटा बेटी दोनो बराबर"

धोती  बन गई  जींस री भैया , साड़ी बना पतंग।
ब्रांडेड फटे चिथड़ियां पहने नाचें फिरें मलंग ।।

अर्ध नग्न वस्त्रों की फजीहत  कहीं हुए निर्वस्त्र ।
कमर कसे रणवीर ना कमतर कहें पुरुष का शस्त्र ।।

विद्या बोली आंख सेंक लें  करतब हिम्मत जान ।
भर भर वस्त्र मिले डोनेशन बॉयकट से अनजान।।

संविधान से मिली समानता महिला पुरुष समान।
नारीवादी आंदोलन  से अब  मांगे पुरुष आयोग ।।

बड़ी बुराई करें फजीहत जनता भर आक्रोश।
भीड़ की शक्ल ना कोई सूरत  रहते नहीं खामोश।।

जज करते हैं ऐसे ना वैसे कैसे काम चलेगा ।
बोल्ड हीरोइन एक्ट्रेस देखें क्यों ना बवाल मचेगा।।

हम करें तो कैरेक्टर ढीला तुम जो करो वो मान्य ।
बेटा बेटी  दोनो बराबर ना हो अब अन्याय।।

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