तू ही यमराज है तू ही धर्मराज है ।
रोगी के निदान में तेरा योगदान है ।।
एनेस्थीसिया का असर समाधि सा हाल है।
लोकल एनेस्थीसिया भांग चढ़ता कमाल है।।
देखता औजार रोगी तनिक ना भान हो ।
आधा हिस्सा सुन्न पड़े बाकी चमत्कार है।।
बेहोशी के सुई से टांके वाले धागे से ।
चीरते शरीर मानो टेलर तू कमाल है।।
दर्द से बेहाल हाल दवा से मिले आराम ।
ड्रेसिंग कराने का झंझट बेहद दर्दनाक है ।।
ट्रिगर पॉइंट पर रख के डॉक्टर रोगी को बुलाएं
औजारों के ट्रिगर से करते घावों को खल्लास हैं।।
मरहम पट्टी बेरहमी से कहते अपना काम है।
सुई चुभोये नस - नस कहते ऐलोपैथी इलाज है ।।
नशा जब उतरता है तीनों लोक दिखता है ।
कमजोरी तन की भारी ' गुँजन 'हाहाकार है ।।
सेहत का रखोगे ख्याल रोग नहीं आएगा पास।
पिज्जा , बर्गर टाटा - बाय कंद मूल उपचार है ।।
तू ही यमराज है तू ही धर्मराज है ।
रोगी के इलाज में तेरा योगदान है ।।

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