यदि हम ट्रैफ़िक नियमों की बात करें तो आप पूर्ण विराम लगा देंगे कि साहब हम लेट हो रहे हैं गन्तव्य तक जाना है वह भी नियत समय पर ,और इसके लिए धैर्य नहीं धावा बोलेंगे हम ! वाकई
इन्ही मनमानियों के कारण ट्रैफिक नियम तोड़े जाते हैं और बड़ा शानदार लुका छुपी खेलते हुए ट्रैफिक पुलिस को दग़ा दे जाते हैं। और जब पकड़े जाते हैं तो जितनी भी डिग्रियाँ और जान पहचान हो तो सब चेप देते हैं पुलिस पर ! यह कहकर कि हम देख लेंगे ! आप हमें जानते नहीं हम कौन हैं ? हमारी दूर तक चलती है आप हमें छोड़ो वरना?
बहरहाल दबंगगिरी रोड पर अब काम नहीं आने वाली है 1 अप्रैल 2022 से दिल्ली में जो लेन ड्राइविंग नियम बना है उससे आप नहीं बच सकते । यहाँ डीजल पेट्रोल की महंगाई मार डाली तो अब 10,000 ट्रैफिक चालान मार डालेगा । ऊपर से दूसरी बार आपने गलती की तो आपका परमिट, लाइसेंस रद्द हो जाएगा वहीं यह गुनाह तीसरी बार किया यानि ट्रैफिक नियम तोड़ा तो जाहिर है आप पर गम्भीर ट्रैफिक नियम के उल्लंघन का चार्ज लगाकर कार्यवाही की जाएगी ।
यह नियम सख्त नहीं बेहद सख्त है क्योंकि इस पहल से हर तबके के लोग प्रभावित होंगे। एक रिक्शा चालक से लेकर एक कम तनख्वाह पर काम करने वाला एम्प्लॉय मध्यमवर्गीय ,और उसके साथ ही ट्रेवलिंग से जुड़े छोटे व्यापारी सभी शामिल होंगे।
चूंकि जीवन की सुरक्षा का सवाल है तो नियम भी सख्त होने चाहिए । कई बार आप गलती ना करते हुए भी अपराधी बन जाते हैं या मजबूर होकर आपको नियम तोड़ने पड़ते हैं जैसे जल्दी अस्पताल पहुंचने की बेचैनी, मीटिंग छूट जाने की चिंता, स्कूल ,कॉलेज , आफिस आदि के लिए आपका बागी बनकर ट्रैफिक पुलिस को चकमा देना अब भारी पड़ेगा । तब आप नियमो को तोड़ने से पहले ध्यान देंगे 10000 रुपये कहाँ से लाएंगे? जब आप यह सोचने पर मजबूर होते हैं तो आप सुरक्षित ड्राइव करते हैं और भरपूर ध्यान रखने को बाध्य होते हैं।
अब देखिए दिल्ली जैसे महानगर में ट्रैफिक समस्या आज से तो नहीं है नियम तो पहले भी थे पर यह कहें कि सख्ती इस कदर नहीं थी ।
जैसा कि आज आप देख रहे हैं ।
चूंकि दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने सख्त नियमो के पालन का आदेश दे दिया है।
फिलहाल नया नियम 15 दिन के लिए है जिसमें एक ही लेन में भारी वाहनों को चलने की अनुमति है , कोई भी डीटीसी बस बिना स्टॉप नही रुकेगी वरना पुलिस ड्राइवर को आड़े हांथो लपेटेगी । ट्रायल पूरा होते ही नियम भी लागू हो जाएगा । इससे बहुत हद तक सुधार सम्भव है।
हालांकि परिवहन विभाग से , डीटीसी , क्लस्टर और पुलिस विभाग से 50 लोगो की पूरी टीम व्यवस्था के लिए मौजूद रहेंगी । और कोई भी बस लेन में वाहन दिखा तो उसे क्रेन से खींचकर व्यवस्था बहाल की जाएगी मतलब कोई ढिलाही नहीं है। पूर्ण सख्ती है ।
अब तो दिल्लीवासियों को यह स्वीकार करना होगा और अपनी आदतों में बदलाव लाना होगा। जीवन जितना अनमोल है उतना ही अनमोल जीवनरक्षा कदम है। जो हम सबकी जिम्मेदारी है । वैसे इतनी कड़ी व्यवस्था का आनन्द दिल्लीवासियों को लेना चाहिए ।
अब माजरा जो भी हो , समस्या जो भी आये आप समय से निकलें और कभी भी हड़बड़ी और भूचाल ना लाएं क्योंकि आप जानते हैं एक लाइन में गाड़ियाँ चलने का मतलब है गाड़ियों की लंबी लाइने जो कतारों में दिखेंगी और आप उन्हें क्रॉस करके ,किसी भी वाहन के बीच से निकालने की आसान ट्रिक्स और शॉर्टकट्स को भूल सकें और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार लाकर बिन बुलाये एक्सीडेंट और मौतों की घटनाओं को रोक सकते हैं।
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