शिक्षा पर एकाधिकार ना समझो
चूल्हा चौका तुम भी सीखोगर दूर हो घर परिवार से तो
यह हुनर तुम्हारे काम आएगा
लड़का हो या लड़की दोनों का रोजगार
ये तुम्हे आत्मनिर्भर बनाएगा ,
बनाओ खुद को काबिल सबसे
नही किसी के आधीन है जीना
इतराते हो इतना क्यों तुम
अपने हक से वह भी वाकिफ
लाङ -प्यार ने तुम्हे बिगाङा
कर्तव्यों से अब मुँह ना मोङो
चुनौती को स्वीकार करो अब
बदला जमाना खुद भी बदलो
चुल्हा चौका तुम भी सीखो
यह हुनर तुम्हारे काम आएगा!
"गायत्री शर्मा"

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