उच्च शिक्षा का प्रायोजन
आर्थिक समृद्धि पाना हैधनधान्य से भी संपन्न हों
तो स्वार्थ वशीभूत होते हैं
कोई गर्व करे ऊँचे कुल का
कोई द्वेश करे किसी जाति से
पथभ्रष्ट हो रहा युवा वर्ग
निस्वार्थ भावना लुप्त हुई
ङाँक्टरेट ङिग्री का प्रतीक
महानगरों का सम्मान बना
ग्रामीण चिकित्सा को तरसें
शहरो की तरफ वे रुख करते
कुछ लोग कर्तव्य निभाते हैं
आदर्श सभी को सिखाते हैं
मौजूद हैं उनका वजूद यहाँ
जो समाज की सेवा में तत्पर
अपने हिस्से की खुशिया बाँटे
शिक्षा स्वास्थ्य में योगदान कर
देश को बुलंदियो पर पहुंचाएँ
समाहित हो ये आदर्श सभी मे
योगदान हो जन जन का तो
शैक्षिक उद्देश्य सफल हो जाए
"गायत्री शर्मा"

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