सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

राम राज्य एक ख्वाब

चाहत है कि बदले समाँ बदलेगा ये सारा जहां हो प्रेम हर घट में सदा नहीं द्वेष भाव का स्थान हो जुल्म की कोई बात न हो हर शख्स धर्म का रूप हो मेरी कल्पना की दुनिया में ऐसा कोई साम्राज्य हो !गायत्री शर्मा

टिप्पणियाँ