सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

सफर का आगाज़

हर शख्स जख्म साथ लेकर चलता है जिंदगी का सफर इतना आसान नहीं होता यूं तो फूलों पर चलना हर कोई जानता है जो कांटो पर चलना सीख जाते है वो पत्थर पर भी अपना निशां छोङ जाते हैं गायत्री शर्मा

टिप्पणियाँ