लड़के जब सच्चे प्रेम में होते हैं तब उनकी मनोदशा क्या होती है .......
अक्सर लोग प्यार और अट्रैक्शन को लेकर हमेशा डाउट में रहते हैं बाहरी आकर्षण को प्यार समझने की भूल कर बैठते है। दोनो बातें अलग अलग हैं जब आकर्षण होगा तभी प्रेम होगा किन्तु प्रेम आपको मानसिक और भौतिक सिक्योरिटी देता है तब क्या होता है यानी लड़के जब प्यार में होते हैं तो एक जिम्मेदारी का आभास करते हैं , भविष्य की प्लानिंग करते हैं , अपने पार्टनर के लिए समर्पण भाव से उसकी खुशियों का ख्याल रखते हैं एक सिक्योरिटी प्रोवाइडर के तौर पर वह अपनी फीमेल पार्टनर को देखते हैं। उनमें अपनी फीलिन्स को हाईड करने का प्रचलन अधिक होता है। अपनी भावनाओं को वह बैलेंस रख सकते हैं क्योंकि सामाजिक परिवेश में रोना , अधिक चंचलता दर्शाना, बात बात पर हंसना जैसे लड़कियों के स्वभाव मानते हैं इसलिए लड़कों को मजबूत रहने गम्भीर रहने की सलाह देकर बड़ा किआ जाता है ।परंतु यह समाज भूल जाता है कि जैविक रूप से लड़के लड़कियां दोनों इंसान हैं और मानव अपने स्वभाव से कैसे विपरीत व्यवहार करें ।इसलिए लड़के अल्कोहल का सहारा लेते हैं ,लोग उनको समझ नहीं पाते , और किसी के सामने आंसू भी नहीं बहा सकते । लड़के लड़कियों से ज्यादा कठिन मानसिक चक्रव्यूह में घिरे होते हैं ।
क्या लड़कियाँ प्रेम में पागल होती हैं ऐसा क्यों....?
कहते हैं लड़कियां जब प्यार में पड़ती हैं तो अपनी मानसिक शक्ति को दरकिनार कर दिल को खुली छूट दे देती हैं और तुरंत फैसला ले लेती हैं ।
प्यार करना गलत नहीं है ! लेकिन प्यार को समझना उससे भी ज्यादा सही कदम है ।
क्योंकि जब आप प्यार के धरातल पर कदम रखने जा रही हैं तो आप उस अनजान राही की तरह हैं जिसे नहीं मालूम कि कब कौन सा राह आपके लिए सुखद या दुखद मोड़ निर्धारित करेगा ।
अगर आप इस राह पर आगे बढ़ रही हैं और आपको कोई पसन्द आ जाये तो आप यह जरूर सोचती होंगी कि ऐसा क्या है उस व्यक्ति में जिसके लिए मेरा दिल और दिमाग दोनों ही गवाही दे रहा है कि हां यही तुम्हारा प्यार है जिसकी तलाश तुम्हे सालों से थी।
अक्सर कुछ लड़कियां अपने तार्किक बुद्धि के कारण स्वभावगत बहुत डाउट में रहती हैं अपने रिलेशन को लेकर ।
उदाहरण के लिए ---- आपको ईमानदारी पसन्द है तो आप सामने वाले में भी परिपक्व व्यवहार , ईमानदारी , अपनत्व की भावना को परिपूर्ण देखना पसंद करेंगे । जो सामाजिक हो , भावनाओं की कद्र करने वाला हो, लोगों की मदद करना जिसे अच्छा लगता हो वह आपको पसन्द होगा यह मान सकते हैं ।
और अगर आपका किसी के प्रति अट्रैक्शन भी हो तो आप उससे एक कभी ना टूटने वाला रिलेशन बना लेते हो क्योंकि आप जानते हो कि जो आपको पसंद है वही खूबियां आपके पार्टनर में है । और आप उसकी इन अच्छाईयों पर उनकी 100 खामियाँ भूलने को तैयार हो जाते हैं ।
प्रेम सिर्फ मौज मस्ती नहीं अपितु पूर्ण समर्पण है -----------
जो लोग रिलेशन को सिर्फ मौज-मस्ती तक ही रिलेट करते हैं वो प्यार और समर्पण जैसी फीलिंग को कभी समझ ही नहीं पाते और जिस दिन वे यह जान लेते हैं तब वे उस शख्स को पाने की जगह उसकी परवाह करना , उसे खुश रखना , उसके लिए खुद को चेंज करना शुरू कर देते हैं यह होता है प्यार जो सिर्फ लौटाना जानता है और शिद्दत से प्यार करना सिखाता है!
प्यार एक अलग फीलिंग है जो हमारे सोल से कनेक्टेड होता है और अट्रैक्शन फिजिकली जो कुछ दिन, महीनों ,या कुछ एक सालों के लिए होता है वह आकर्षण ही क्या जो प्यार की ऊंचाइयों को नहीं छू सकता । यानि आप अट्रैक्शन को ज्यादा टाइम तक डाइजेस्ट ही नहीं कर सकते ।
कई बार आपको यह ख्याल आता होगा कि आपको प्यार क्यों हुआ----- ?
तो यह बहुत दिलचस्प किस्सा है जिंदगी का , यह तो वही बात हो गई कि आप एक जज के सामने गीता,कुरान पर हाथ रखकर कसम लेते हैं और सच के सिवा कुछ नहीं बोलते ।
ठीक वैसे ही अगर एक सच्चे प्यार करने वाले शख्स् से पूछें तो वह यही कहेगा कि प्यार अनकंडीशनल है जिसका कोई स्केल नहीं है और आपको भी नहीं पता होता यह को-इंसिडेंट कब घटित हो जाये ।
ज्योतिष शास्त्र प्यार और आकर्षण को कैसे पहचान करता है -----------
यदि आप एस्ट्रोलॉजी में विश्वास करते होंगे तो सच्चा प्यार हमारे 5वें भाव से रिलेटे होता है और जब दोनों तरफ समान समर्पण , प्यार, सहयोग, समझ हो तो आप समझ लीजिए आपके पास्ट लाइफ से उनका कोई कनेक्शन है जो आप उन्हें या वो आपको मिले हो ।
कुंडली का मिलान भी इसलिए किया जाता है कि उससे हम जान सकें कि दोनों राशियों का सहसम्बन्ध अच्छा होगा या शत्रु भाव का होगा । यह हमारी प्राचीन परंपरा का एक मापदंड है ।
वास्तव में अगर आप ईमानदार हैं अपने रिश्ते को लेकर तो आप हर स्टेप पर अपने पार्टनर की हेल्प करोगे उसे खुश देखना चाहोगे और किसी कारणवश आप दोनों अलग भी हो जाते हैं तो आपके प्यार का 'पूर्ण विराम 'कभी नहीं होता । आपके सबकॉन्शियस माइंड में वह यादों के रूप में , वादों के रूप में , भावो की सहजता ,अनुकूलता, परिपूर्णता के साथ स्टोर हो जाता है जिसे भूलना सम्भव नहीं होता । तो आप समझ लीजिए आपका प्यार और पूर्व जन्म का कनेक्शन है । जो आपके अमूर्त चिंतन का हिस्सा बन जाता है ।
मनोविज्ञान के अनुसार प्रेम क्या है ----
जब आप किसी की ओर मैग्नेटिक जुड़ाव या कनेक्शन फील करते हैं तो आपके मस्तिष्क में केमिकल रिएक्शन होता है और कुछ रसायन स्रावित होते हैं जैसे ,फिनाइल इथाइलामिन, नोरपाइनफेरिन, ,डोपामाइन यह सब रसायन आपके हृदय की गति बढ़ने से और मानसिक तौर से प्रसन्नता का अनुभव होने से उतपन्न होते हैं । आप रूप , गन्ध, आकर्षण, और अनुभूति इनके समावेशन से प्रेम की उत्कृष्टता को महसूस कर पाते हैं ।
जिससे आपने प्यार किया क्या वह भी आपको उतना ही चाहता /चाहतीं है ???-----------
अक्सर लोग ऐसा सोचते हैं तो इस बात को समझने के लिए आपको अपने पार्टनर के दिल के करीब जाना होगा । बेहद करीब। मैं यह नहीं कह रही कि आप पहली नजर में ही उन्हें दिल दे बैठो और अपनी फीलिंग्स जाहिर कर दो यह तो स्टुपिड बिहेविर है प्यार थोड़ी है ! लोग सालों साल साथ रहकर भी एक दूसरे को नहीं समझ पाते । शक का एक बीज रोपित होते ही दरारे बढ़ जाती हैं फिर कहाँ गया वो अटूट प्रेम और विश्वास??
आपको इस बात की गहराई तक जाना होगा इसके लिए आप जिसे चाहते हैं उसके साथ टाइम एक्सपेंड करें उससे बातें करें , उसे समझें उसको भी समझने का मौका दें , और धीरे -धीरे आप दोनों एक दूसरे के बारे में जब जानने लगेंगे तो एक मैग्नेटिक एनर्जी आपके बीच आपको सपोर्ट करेगी जो होगा 'म्यूच्यूअल अंडरस्टैंडिंग' से 'लव कनेक्शन ' यहीं से प्यार की शुरुआत होती है ।
आपको लगता है कि आपका पार्टनर आपसे विपरीत है----------------
यानि गुस्से वाला , अपनी बात मनवाने में माहिर , लेकिन विश्वासपात्र स्वभाव है कुछ छुपी क्वालिटी हैं जिस पर आप फिदा हो गए हैं उसे उसकी कमियों के साथ एक्सेप्ट कर रहे हैं और फिर भी आपको वह पसंद है। आप भी उसे पसंद हैं तो आपका रिश्ता आगे बढ़ता है । बिना बात के आरगयुमेंट करना और दोनों का अचानक मौन हो जाना , फिर बात करने के मौके तलाशना , और गुस्सा ठंडा होने पर रियलाईज करना ये सब क्या है ???? यही तो तो 'सच्चा प्यार' है जो आपको अपने रिश्तों के लिए ईमानदार बनाता है ।
आपका नटखट रवैया आपकी चंचलता आपके पार्टनर के दिल पर असर तो करती है पर वह खुद को बाहर से स्ट्रांग दिखाना चाहता है तो ऐसे में आप क्या करेंगे ????
यहां बहुत दिलचस्प बात है जब भी ऐसी परिस्थिति बनती है तो ये नोक झोंक आपके रिश्तों को बहुत स्ट्रांग बनाता है और आपके प्यार में हमेशा नयापन बना रहता है । इसे बारीकी से समझने की जरूरत है । यदि आपके रिश्ते में ये सारी संभावनाएं दिखती हैं तो आप दोनों एक दूसरे के अनुरूप हो ।
कुछ ऐसे रिश्ते जो अधिक समय तक नहीं चलते हैं तो माना जाता है कि दोनों विपरीत राशियों से सम्बन्ध रखते हैं और ग्रहों की स्थिति भी प्रभावी होती है ।
एस्ट्रोलॉजी के अकॉर्डिंग हमारी 12 राशियां अलग अलग तत्वों से सम्बन्ध रखती हैं अग्नि जल, भूमि , वायु ।
उदाहरण के लिए --------यदि आप दोनों का सम्बंध अग्नि और जल तत्व से होगा तो आप दोनों ही एक दूसरे के अनुकूल होंगे । वे आप पर अपना प्यार अपने तरीके से दर्शाना चाहेंगे और आप उनके इस व्यवहार को स्वीकार करेंगे क्योंकि आप जानते हैं कि वे थोड़े से जिद्दी और गंभीर हैं लेकिन भीतर से एक भावुक इंसान हैं ।
आपने देखा होगा कुछ लोग जीवनभर एक दूसरे के लिए वफादार रहते हैं इसके पीछे अनेक कारण होते हैं ।
यानी ये सारे फैक्टर्स हमारी राशियों के इर्द गिर्द घूमते रहते हैं । और हम नासमझी के कारण कई बार अपने रिश्ते का पूर्ण विराम लगा देते हैं और अधूरे समझ के आधार पर आप अपना सच्चा प्यार खो बैठते हैं या वे आपको समझ नहीं पाते , कई बार बहुत देर हो जाती है तो ऐसा भी होता है कि उन्हें आपकी कमी आपके दूर जाने के बाद पता चलती होगी ।
वास्तविक प्यार समर्पण ही है ------------
सबसे बड़ी बात है आप प्यार और आकर्षण में फर्क समझें और जिस दिन अपने यह जान लिया आप प्यार में कभी धोखा नहीं खाएंगे ।
और आपका रिश्ता ब्रेक-अप पर भी पहुंच जाए तो आप दोनों की म्यूच्यूअल अंडरस्टैंडिंग दोनों के लिए प्रोटेक्टिव ढाल की तरह काम आएगी और आप यह समझ पाएंगे कि प्यार सिर्फ पाना ही नहीं , प्यार समर्पण का भाव होता है ।
आप दुनिया के किसी भी कोने में चले जाएं आपके प्यार का पूर्ण विराम कभी नहीं हो सकता है ।
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