शांत स्वभाव को अपनी कमजोरी न समझें
यह स्वभाव आपके विचारों का प्रतिबिंब है ।।
गर्व और मद में चूर होकर सूखे वृक्ष की तरह हम रहेंगे
तो फलों से लदी डाल से हमने झुकना सीखा ही नहीं ।।
अहम की जड़ को यदि आप काट ना सके
तो संस्कारों की उपज को हम समझ ना सके ।।
पगडंडियां मार्ग दिखाती है , आध्यात्म पथ के राही
आत्मकल्याण की पगडंडी पर चलें तो पारलौकिक सफर आसान हो जाएगा ।।
जितना सूक्ष्म ब्रम्हांड है उतना ही सूक्ष्म मानव मन की गति
मन की एकाग्रता का रहस्य संत महापुरुषों से जाना जा सकता है ।।
शारीरिक रोग उपचार से ठीक हो सकता है किंतु
आत्मिक रोग आध्यात्मिक चिकित्सक से ही सम्भव है ।।
दुनिया मे भ्रमण करने के लिए हमें वीजा बनाना पड़ता है
परलोक के लिए अच्छाई का पहचान पत्र हमे खुद बनना होगा।।
अपने मन में बुराई के वायरस को मत आने दो
अच्छाईयों के एंटीवायरस से डिलीट करते रहो
जीवन रूपी कंप्यूटर सदैव सक्रिय रहेगा।।
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