चलो देख लिया दुनिया हमनें अपनों ने हमें दुत्कारा है
पत्थर पत्थर हर आंसू है बहने से भी कतराते हैं
इस भारी भरकम उम्र का क्या काट जायेगा दुःख सह सह कर
तिनका तिनका जोड़ा हमनें मेरा पुत्र बहु मिल राज करें
क्या सोच रहे थे क्या पाया है नियति से भी क्या शिकवा है
दौलत पाते वे पलट गये अपने भी अब बेगाने हैं
चलो देख लिया-------------
गैरों की बात नहीं करते जो रिश्ते खून के हम कहते
रिश्तो ने खूब निभाया है अपनों ने हक़ को मारा है
लाठी पकड़ी तन रोग भरा किस वैध के पास है दर्द दवा
जो कह दे जाकर उनसे कि माँ बाप नहीं है बोझ तेरा
अंतिम सांसो को थामे हैं फिर भी बेटे को पुकारे हैं
कोई न मेरा अपना आया लो अंत समय ये शव निकला
चलो देख लिया दुनिया हमनें---
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