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कल्कि अवतार

हे सर्वेश्वर ,कृपानिधान, दीनबन्धु करुणा सागर
कर्मश्रेष्ट आत्मदाता तुम,जीवन ज्ञान,सार दर्शाते
हे दुखहंता ,जगतनियंता श्रेष्ठ तेरा दीदार है
जीवों के उद्धार को आये प्रभु कल्कि अवतार हैं

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