जीवन का जो मोल न जाने, मानवता का अंत ही जाने
चुगलीबाज, घमंड, धृष्टता का ये भाव प्रधान जहाँ
राजद्रोह, विश्वासघात, दुष्प्रवृतियों का है प्रभाव जहाँ
ऐसे कुटिल विकृत ह्रदय में, ईश्वर वास नहीं करता।।।
गायत्री शर्मा
चुगलीबाज, घमंड, धृष्टता का ये भाव प्रधान जहाँ
राजद्रोह, विश्वासघात, दुष्प्रवृतियों का है प्रभाव जहाँ
ऐसे कुटिल विकृत ह्रदय में, ईश्वर वास नहीं करता।।।
गायत्री शर्मा
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें