नूतन वर्ष की मंगल घङी कुछ क्षण में आ जाएगी
जश्न से तोल रहे हम सब कुछ जश्न से कोसों दूर हुए
विश्व प्रेम -सौहार्द संगीत कुछ पन्नों में अब सिमट गए
कुछ जहन में अपने सिमट गए कुछ निजि हितों नें दुनिया में
जब धन से इंसान को तोला तब भ्रष्टाचार ने जन्म लिया
नूतन वर्ष की मंगल घङी कुछ क्षण में आ जाएगी
जश्न से तोल रहे हम सब कुछ जश्न से कोसों दूर हुए
फुटपाथ बना जिनका आशियाना अोढे हुए चादर आसमाँ का
निर्वस्त्र पङें कुछ बच्चे यहाँ कुछ चिथड़े पहने लोग यहाँ
कङाके की ठंङ से ठिठुर कर भूख की ज्वाला से तपकर
क्या जश्न मनाना संभव है??
नूतन वर्ष की मंगल घङी कुछ छण में आ जाएगी
जश्न से तोल रहे हम सब कुछ जश्न से कोसों दूर हुए!!
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