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जुगनू

 

जुगनू भी जाने कितने कमाल करते हैं

अंधेरी रातो मे हमें गुमराह करते हैं

ले जाते हैं दूर कहीं घनघोर घटाओ में

छोङ अकेला साथ हमारा गुम हो जाते हैं

पलक झपकते आखों से ओझल हो जाते हैं

ऐसा लगता है मानो हमें राह दिखाते हैं

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