नगमें नए लिख दूं कुछ बात मैं कह दूं
जो राज हो दिल में वो राज मैं कह दूँ
शिकवा ना हो कोई, कोई मलाल ना हो
दिल के तरानो में जिंदादिली लिख दूँ
कोई कसक ना रहे अरमाँ नए अपने
जीवन के पन्नो में रंगों को मैं भर दूँ
दुनिया के रंजिश में साजिश के बंदिश में
इंसानियत का राग हर सुर में मैं भर दूँ
गूंजे कोई नगमा झंकार मैं कर दूं
काली घटाओ में हलचल नइ कर दूँ
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