उच्च शिक्षा का प्रयोजन
आर्थिक समृद्धि पाना है
धन धान्य से सम्पन्न लोग
कुछ स्वार्थ वशीभूत होते हैं
कोई गर्व करे उंचे कुल का
कोई द्वेष करे किसी जाति से
पथ भ्रष्ट हो रहा युवा वर्ग
निस्वार्थ भावना लुप्त हुई
ङाक्ट्रेट ङिग्री का प्रतीक
महानगरों का सम्मान बना
ग्रामीण चिकित्सा को तरसें
शहरों की तरफ वे रूख करते
कुछ लोग कर्तव्य निभाते हैं
"आदर्श" सभी को सिखाते हैं
मौजूद है उनका वजूद यहां
जो समाज की सेवा में तत्पर
अपने हिस्से की खुशियां बांटे
शिक्षा स्वास्थ्य में योगदान कर
समाहित हो ये "आदर्श "सभी में
योगदान हो जन-जन का तो
शैक्षिक उद्देश्य सफल हो जाए
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