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स्वर आजादी


देशभक्ति में उद्वेलित स्वर बापू का था नाम ।
हरगिज नहीं मिटेगा क्रांति राष्ट्रहित की हो बात।।

फैले भारत मां की ख्याति बापू लिए थे प्रण ।
क्या हिंदू क्या मुस्लिम भाई मिलकर किए थे रण।।

जन जन के भीतर हो गुंजन राष्ट्र भक्ति उद्गार
गूंजे भारत मां की जय जय हो आजादी स्वर ।।

फिरंगी सत्ता के विरुद्ध लोकमत मिला भरपूर।
एकता देख थर्राए दुश्मन दल बल चकनाचूर।।

त्याग तपस्या देशभक्तों की याद करेगा जमाना।
शहीद दिवस की हर दिल में स्मृतियां पुष्प सजाना।।

सत्य अहिंसा के  राह पर चले थे बापू आप ।
नर नारी सम दृष्टि हो कर करें भारती गान ।।

होनी को अति प्रबल जान मुख से निकला राम।
छोड़ गए नश्वर संसार कर्तव्य निभाकर आप।।

आज मनाएं पुण्य तिथि  करें बापू को हम याद ।
अक्षुण रहे ये देश हमारा मिलकर करें फरियाद ।।

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