ढूंढते हो तुम जिसे बाहर वह मन मंदिर में बैठा है
सुनते हो संगीत धुनों को वह संगीत तुम्हारे अंदर है
अपने भीतर सत्य की खोज , योगी हृदय प्रयोगशाला है
विज्ञान जहाँ असफल हो जाये, प्रारम्भ वहीं से अध्यात्म है।।
सुनते हो संगीत धुनों को वह संगीत तुम्हारे अंदर है
अपने भीतर सत्य की खोज , योगी हृदय प्रयोगशाला है
विज्ञान जहाँ असफल हो जाये, प्रारम्भ वहीं से अध्यात्म है।।
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