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मानवता ही पूजा

★ज्ञान दीपक दे हृदय में ज्ञान ईश्वर का कराया
पंचभौतिक देह भीतर अखण्ड ज्योति को लखाया
व्यक्त करते हैं  सजल हृदय के सब  उद्गार हम
त्रिदेव तुल्य हे गुरुवर, करबद्ध तुमको है नमन।।

★ कर्तव्य पथ पर चलने वाले ज्ञान गुण को धरने वाले
ज्ञान और विज्ञान का सरलीकरण वे करने वाले 
विलक्षणी प्रतिभा उर धारे लौकिक सुख को त्याग 
जन जन की सेवा में उतरे जनमानस के लाल ।।

★कोरोना जंग है भारी , छुपे शत्रु सा है जारी
नहीं उपाय है कोई सामाजिक दूरी है जारी
छोड़ सब थाट जिसने पीड़ितो को अन्न वितरित की
कौम ए इंसानियत की उदरतााएँ हमने  है देेेखी।।

★ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन को बना,शिलान्यास जनता के लिए कर डाला है
देवभूमि संतो के धाम को प्रयागराज, तक अभी रेल प्रोजेक्ट अति भाया है
काम जो किया है उत्तराखंड सरकार ने  ,ये अभी तक किसी के समझ नहीं आया है
केंद्र का समर्थन ऐसे ही मिलेगा तब, सार्थक सालों का प्रयास हो जाना है ।।

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