तेरा रूप है जग से निराला मेरे प्रभुजी दीन दयाला
तूँ है भक्तों का प्रतिपाला मेरे प्रभुजी दीन दयाला
तूँ है भक्तों का प्रतिपाला मेरे प्रभुजी दीन दयाला
निष्काम कर्म और पूजा मेरे जीवन का हो आधारा
घट-घट में समाने वाले मेरे प्रभुजी दीन दयाला
हमको सन्मार्ग दिखाने आया है तूँ इस जहाँ में
अज्ञानता हरने वाले मेरे प्रभुजी दीन दयाला
संदेह नहीं है मन में भव तारण की है बारी
हृदय को बदलने वाले मेरे प्रभुजी दीन दयाला
तेरा सुंदर रूप सलोना मैं देख- देख मुस्काई
नजरों में तुम्हे बसाया मेरे प्रभुजी दीन दयाला
एक तार जुड़ा है तुमसे तुम बिन अब चैन कहाँ है
चरणों का दे दो सहारा मेरे प्रभुजी दीन दयाला
तेरी भक्ति जग से निराली , मेरा भाग्य तुझे मैंने पाया
हो भव भय हारने वाले मेरे प्रभुजी दीन दयाला ।।।
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