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मन से हारो नहीं

मन से हारो नहीं मन से जीतो सदा
धीरे धीरे सही बढ़ते जाओ सदा
थाम ले जो अगर सहसों  का शिखर
ध्वस्त हो जाये राहों का हर एक गम।।

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