कोमल कलियों की शाखों में सृजन प्राण समाहित है
वैसे ही एक कवि हृदय में संग्रह प्राण समाहित है
उसके दिल के राज हैं गहरे , कोई पहेली कहता है
वही उजागर करता है जो दर्द छिपाए रहता है
पन्ने पन्ने में दिल की बातों से गुफ़्तगू करता है
अश्कों की स्याही से दर्द समुद्र बहाने लगता है
कभी आंखों में भरकर सपने कभी नींदों में उचटे ख्वाब
शब्दों की सीमाएं तोड़कर हर रिश्ते हर भावों को
एहसास् लिए वह लिखता है ।
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